Rakhi not tied in Bhadra: रक्षा बंधन पर भद्रा का साया, इस दिन और समय पर राखी बंधवाना होगा शुभ।
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Rakhi not tied in Bhadra: रक्षा बंधन पर भद्रा का साया, इस दिन और समय पर राखी बंधवाना होगा शुभ।

Rakhi not tied in Bhadra: रक्षा बंधन पर भद्रा का साया

Rakhi not tied in Bhadra: रक्षा बंधन पर भद्रा का साया, इस दिन और समय पर राखी बंधवाना होगा शुभ।

Rakhi not tied in Bhadra: सावन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को सुबह 10 बजकर 38 मिनट पर शुरू हो रही है, जो 12 अगस्त को सुबह 07 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। लेकिन सावन पूर्णिमा शुरू होते है भद्रा भी लग जा रही है जो 11 अगस्त को रात 8 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों का मत है कि भद्रा काल में राखी का त्योहार नहीं मनाना चाहिए बहुत जरूरी होने पर भद्र पुच्छ के समय राखी का त्योहार मना सकते हैं। ऐसे में अगले दिन यानी 12 जुलाई को भद्रा भी नहीं रहेगा और उदया तिथि के अनुसार पूरे दिन पूर्णिमा तिथि का मान रहेगा इसलिए 12 जुलाई को राखी का त्योहार माना सभी के लिए शुभ रहेगा।

Rakhi not tied in Bhadra: रक्षा बंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

12 जुलाई को दोपहर 2 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा जिसमें बहनों भाई को दीर्घायु का आशीर्वाद देंगी तो यह अधिक फलदायी होगा। 2 बजे के बाद इस दिन सौभाग्य योग लग जाएगा। इस दिन सुबह से रवियोग भी उपस्थित रहेगा। इसलिए 12 जुलाई को रक्षाबंधन का पर्व मनाना सभी तरह से मंगलकारी रहेगा।

Rakhi not tied in Bhadra: भद्रा में क्यों नहीं बांधी जाती राखी?*

रक्षाबंधन पर भद्राकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए। इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है। लंकापति रावण की बहन ने भद्राकाल में ही उनकी कलाई पर राखी बांधी थी और एक वर्ष के अंदर उसका विनाश हो गया था। भद्रा शनिदेव की बहन थी।भद्रा को ब्रह्मा जी से यह श्राप मिला था कि जो भी भद्रा में शुभ या मांगलिक कार्य करेगा, उसका परिणाम अशुभ ही होगा।


पंडित कन्हैया शास्त्री